मनुष्य का सच्चा साथी कौन है ?
मनुष्य का सच्चा साथी कौन है ??? ‘धर्म ही मनुष्य का सच्चा साथी है’ दर्शाती पांडवों के स्वर्गारोहण की कथा... ‘मनुष्य के पांचभौतिक शरीर छोड़ने पर उसका समस्त धन तिजोरी (भूमि) में ही पड़ा रह जाता है, पशु पशुशाला में बंधे रह जाते हैं, उसकी प्रिय पत्नी शोक से विह्वल होकर भी केवल दरवाजे तक साथ देती है, मित्र व परिवारीजन शमशान तक साथ जाते हैं और उसका अपना शरीर जिसका जीवन-भर उसने इतना ध्यान रखा, केवल चिता तक साथ देता है। आगे परलोक के मार्ग में केवल उसका धर्म ही साथ जाता है। इसलिए धर्म ही मनुष्य का सच्चा साथी है।’ महाभारत के स्वर्गारोहणपर्व की कथा है कि पांडव जब द्रौपदी सहित सशरीर स्वर्ग जाने लगे, उस समय उनके साथ एक कुत्ता भी चल रहा था। चलते-चलते सबसे पहले हिमालय की बर्फ में द्रौपदी गलकर गिरने लगी, तब भीम ने युधिष्ठिर से कहा कि हम लोगों की चिरसंगिनी द्रौपदी गिर रही है। धर्मराज युधिष्ठिर ने पीछे देखे बिना ही कहा— ’गिर जाने दो, उसका व्यवहार पक्षपातपूर्ण था क्योंकि वह हम सबसे अधिक अर्जुन से प्रेम करती थी।’ ऐसा कहकर वे आगे चलते गए, पीछे देखा भी नहीं; क्योंकि ध...